<एक चाय की दुकान के बाहर जाकर नसरुद्दीन ने अपना गद्दारों का शहर का चक्कर लगा लगा कर वह थक गया था सोचा चाय पीकर कुछ ताजा तम हो जाए।

दुकान में काफी भीड़ थी पास ही नान भाई की दुकान थी जिसे देख कर उसे भूख का एहसास हुआ वह दुकान में घुस गया और एक कोने में जा बैठा दुकान में ऐसी भीड़ थी कि उसने उस अपने लिए खाने का आर्डर देने के लिए भी उसे अलग हटकर चलाना पड़ा।

और जब वह दुकान के बाहर आया तो 3 साल प्लेट की मां दो रख दिया चावल और दो दर्जन समोसे डकार गया और अब एक अजीब सी सुस्ती उस पर छा रही थी शरीर शिथिल सा पड़ गया।

गर्मी भी बहुत ही खाने और गर्मी के कारण तबीयत में भारीपन सा लिए वह चाय की दुकान में आया और एक गधे पर पसर गया चाय के लिए बोलकर व भविष्य के विचारों में खो गया।

वह सोचने लगा कि इस समय मेरे पास अच्छी खासी रकम है इस रकम को किसी गधे में लगा दिया जाए यह रकम जिन साजिया बर्तन बनाने के काम में लगा देना अच्छा रहेगा इन दोनों कामों को मैं बेहतर जानता हूं।

आखिर कब तक यूं ही घूमता रहूंगा क्या मैं कोई धंधा नहीं कर सकता क्या मैं किसी से बदतर हूं मूर्ख हूं क्या मेरे नसीब में एक हसीन और मेहरबान भी नहीं है क्या मैं बाप नहीं बन सकता और फिर उसकी कल्पना में एक नन्ना मुन्ना बच्चा देने लगा और वह मेरी तरह शैतान निकलेगा।

data-ad-client=”ca-pub-5532155007574151″ async src=”https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js”></मैं अपना सारा आलम सारी होशियारी उसमें भर दूंगा ठीक है ऐसा ही सही मैं आज ही निश्चय करता हूं कि अब मैं बेचैन और आवारागर्दी भरी है जिंदगी छोड़ दूंगा आप काम शुरू करने के लिए मुझे जिन साजिया कुमार की दुकान खरीदने के लिए कम से कम 300 टन के चाहिए और मेरे पास कुल डेट सौतन के ही हैं तुमको का ख्याल आते ही उसे खुर्द रे नौकर की याद आ गई और डेट स्वतंत्र झटक लेने के लिए वह उसे कोसने लगा।

फिर वह हॉट फोटो ही फोटो में बड़बड़ा या खुदाई से गलत करें इस रकम की मुझे जरूरत थी कमबख्त वहीं रखो छीन ले गया वाह वाह एक बार फिर भाग्य ने साथ दिया इस तन की इस आवाज के साथ ही तांबे की थाली में पैसा गिरने की आवाज सुनाई दी म***** नसरुद्दीन 100 का जुआ

सचमुच बाहर जुआ हो रहा था पशु बांधने के फोटो के पास ही जमीन पर कुछ लोग एरा बनाए बैठे थे चाय खाने का मालिक गहरे के पीछे खड़ा कर दो उसका कर उनके शेरों के ऊपर से जा करा था।

म***** नसरुद्दीन कमियों के सहारे उठा फिर सोचने लगा देखना तो चाहिए दूर से देखने में हर्ज ही क्या है नहीं नहीं नहीं मैं जुआ नहीं खेलूंगा मैं ऐसा मूर्ख थोड़ी ना हूं वह उठकर बाहर जो आर्यों के पास आया और जोड़ी के करीब आकर चाय वाले के कान के पास मन लगाकर खुश खुश आया मूर्ख लोग फायदे के लालच में अपना आखिरी सिक्का तक गवा देते हैं पैगंबर साहब ने रुपयों के लिए जुआ खेलने को मना किया है।

खुदा ही बड़ी मेहरबानी है कि वह गंदी आदत मुझे नहीं पड़ी लेकिन इस साल बालों वाले का नसीब तो देखो लगातार चौथी बार जीता है देखो देखो ओहो पांचवीं बार भी जीत गया यह तो भाई छठी बार भी जीत गया नसीब का बड़ा धनी है मैंने तो ऐसी किस्मत किसी की नहीं देखी अरे वाह फिर दवा लगा रहा है अरे बस दिमाग बेवकूफ उसे तो दोनों साथ होता सपना जुए की तरफ खींच रहा है

हालांकि गुरबत ने उसके रास्ते में गड्ढा खोद रखा है इंसान की मुक्ता ओं का कोई अंत नहीं इस लाल बाल बालों वाले को मजाक से करना चाहिए अगर वह साथियों बार भी दवा जीता है तो मैं इसे दाव बद लूंगा वैसे मैं वैसे सख्त नफरत करता हूं>