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कुर्रे चेहरे वाले नौकर ने अपने घोड़े का रुख गली की ओर किया फिर पलट कर नसरुद्दीन से बोला अच्छा दोस्त अब मैं चलता हूं तुम मुझे मिले ही नहीं न जाने तुम्हें जमीन खा गई या आसमान निगल गया वैसे आज हमने बड़े साहब का काम किया है

हां मेरे मेहरबान भले और वफादार नौकर तुम्हें सचमुच अपने मालिक की रूह की कमी चिंता है तुम एक दिन म***** नसरुद्दीन की टक्कर के हो जाओगे

म***** नसरुद्दीन का नाम सुनते ही नौकर के कान खड़े हो गए उसकी आंखें चमकने लगी वह घोड़े की लगाम खींचकर तेजी से नसरुद्दीन के करीब आया और बोला तुम उसे कैसे जानते हो

जानता कहां हूं यूं ही उसका जिक्र सुना था मुला नसरुदीन ने कहा और दिल ही दिल में यह भी सोचा कि है खुरदरा इतना सीधा नहीं है

वह उसके कुछ और करीब आ गया और बोला तुम्हारा उससे क्या रिश्ता है जरूर तुम उसके परिवार के किसी आदमी से परिचित हो

नहीं ऐसी बात नहीं है मैंने तो उसका सिर्फ नाम ही सुना है बाकी उसके घर के किसी सदस्य से मेरा कोई संबंध नहीं है म***** नसरुद्दीन ने सहज भाव से कहा

सुनो मैं तुम्हें एक रहस्य की बात बताता हूं किसी पर जाहिर ना करना मैं उसका दूर का चचेरा भाई हूं हम दोनों बचपन के साथ साथ ही रहते हैं

नसरुद्दीन अच्छी तरह समझ गया कि वह जासूस है अतः वह चुप रहा कुर्रे की बात सुनकर उसने उसे गहरी नजरों से देखा जरूर मगर किसी किस्म की कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की।

वह फिर बोला इस जालिम अमीर ने उसके वालिद दो भाइयों और दोस्तों को बड़ी बुरी मौत मरने पर मजबूर किया था कैद खाने में उन पर बड़े जुल्म ढाए गए थे

इस बार भी नसरुद्दीन चुप रह अमीर के सभी मंत्री पागल और सिर्फ रहे हैं वह फिर बोला उसने एक इंसान के पीछे पड़े हैं तो सब का भला चाहता है

नौकर की आंखों में लालच की चमक थी उसका काम ही यह था कि धर्म की खिलाफत और तथ्य से बगावत करने वाली विचारधारा के लोगों का वह गिरफ्तार करवा कर अच्छा खासा नावा खींच ले

तुम नसरुद्दीन के विषय में कुछ बोलो मेरे भाई मैं उससे मिलने के लिए उसके हालात जानने के लिए बेकरार हूं लेकिन म***** नसरुद्दीन ने तो जैसे होंठ सी लिए थे

अपने अमीर के विषय में मैं क्या कहूं एक तीर उसने और थोड़ा पक्के उल्लू है यह भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि अल्लाह का वजूद है ही

मुलाना दिल चाहा कि उसे करारा जवाब देंगे लेकिन उसने मुंह नहीं खोला अब खुरदरा नौकर बिल्कुल हताश हो गया अपनी कोई तरकीब कारगर ना होते देख उसे गुस्सा आ गया

अपनी कोई तरकीब कार्य करना हो तो देख उसे गुस्सा आ गया उसने ना जाने किस को बद्दी सी गाली दी फिर घोड़े को ऐड लगाकर लगभग चलांगे लगाता हुआ गली से पार हो गया

वातावरण में एक बार फिर खामोशी छा गई घोड़े की आंखों से उड़ी कर दी वातावरण में दिखाई दे रही थी उसके जाने के बाद नसरुद्दीन मुस्कुराया

तो मेरे संबंधी अभी भी जिंदा है उस बुजुर्ग वार ने ठीक ही कहा था यहां तो कदम कदम पर जासूस भरे पड़े हैं मुल्लाजी जैसे अपने आप से ही उसने कहा

बड़ी होशियारी से काम लेना होगा पुरानी कहावत है कि कसूरवार की जुबान शेर के साथ ही कलम की जाती है और फिर उस दिन मुला बेवजह शहर की सड़कों की खाक छानता रहा वह कभी खुर्द रे नौकर को पोस्ता की कमबख्त बजाए आधी रकम ले मारा तो कभी करप्शन और रहीस के बीच दाढ़ी नोच लड़ाई की याद करके मुस्कुरा उठता।